ओलपक म शमल हआ थ करकट गरट बरटन और फरस क बच हआ थ फइनल

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) 2028 में अमेरिका के लॉस एंजेलिस में होने वाले ओलंपिक खेलों में क्रिकेट को शामिल कराने की कोशिश में लगा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) का 140वां सत्र 15-17 अक्टूबर तक मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में आयोजित किया जाएगा। ऐसे में क्रिकेट को 2028 ओलंपिक में शामिल किए जाने को लेकर फैसला हो सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं पहले भी एक बार क्रिकेट को ओलंपिक खेलों में शामिल किया जा चुका है।

1900 में ओलंपिक खेलों का आयोजन फ्रांस की राजधानी पेरिस में किया गया था। उस वक्त ओलंपिक में कुल 19 खेल शामिल किए गए थे जिनमें क्रिकेट भी था। इस दौरान ओलंपिक में क्रिकेट की चार टीमों को शामिल किया गया था। इनमें ग्रेट ब्रिटेन, फ्रांस, बेल्जियम और नीदरलैंड्स की टीमें थीं। हालांकि गेम शुरू होने से पहले बेल्जियम और नीदरलैंड्स की टीमों ने अपने नाम वापस ले लिए। बेल्जियम और नीदरलैंड्स की टीमें जब ओलंपिक से बाहर हो गईं, तो केवल इंग्लैंड और फ्रांस की टीम बची थीं। ऐसे में ओलंपिक के आयोजकों ने इन दोनों टीमों के बीच एक मैच कराने का फैसला किया और इस मैच को फाइनल घोषित किया।

2 दिन चले इस मैच में इंग्लैंड ने जीत दर्ज़ की थी। उस वक्त विजेता को सिल्वर मेडल और उपविजेता को ब्रोंज मेडल दिया गया था। ओलंपिक ने 12 सालों बाद इस मैच को अपने रिकॉर्ड में दर्ज किया और फिर इंग्लैंड को गोल्ड मेडल व फ्रांस को सिल्वर मेडल दिया गया।

इस मैच में चार पारियों को मिलाकर सिर्फ़ 366 रन बन पाए थे, लेकिन 1900 ओलंपिक गेम्स में खेले गए इस कम स्कोर वाले टेस्ट मैच क्रिकेट का खेल इतिहास में एक अलग ही महत्व है। ग्रेट ब्रिटेन और फ्रांस के बीच चला ये दो दिनों वाला टेस्ट मैच ओलंपिक इतिहास का एकमात्र क्रिकेट मैच है। ये एक ऐसा क्रिकेट था जिसमें 22 नहीं बल्कि 24 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, और दोनों ही देशों की ओर से कोई भी ऐसा क्रिकेटर नहीं था जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने देश का प्रतिनिधित्व किया हो।

दोनों ही देशों के किसी राष्ट्रीय खिलाड़ियों ने मैच में शिरकत नहीं की थी, ग्रेट ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व डेवॉन और समरसेट वांडेरर्स क्लब ने किया था जबकि उनके सामने फ़्रेंच एथलेटिक क्लब यूनियन थी जिसमें ब्रिटिश प्रवासियों की मौजूदगी थी। दूसरे दिन का खेल ख़त्म होने के ठीक पांच मिनट पहले ग्रेट ब्रिटेन ने फ़्रांस को 158 रनों से शिकस्त दी थी। दोनों पारियों को मिलाकर फ़्रांस सिर्फ़ 104 रन ही जोड़ पाया था।

ग्रेट ब्रिटेन के कप्तान चार्ल्स बेशक्रॉफ़्ट और अलफ़्रेड बॉवरमैन ही ऐसे दो खिलाड़ी थे जिन्होंने मैच में अर्धशतक जड़ा था। इन दोनों ने ही ग्रेट ब्रिटेन के लिए दूसरी पारी में अर्धशतक लगाया था। गेंदबाज़ी में ग्रेट ब्रिटेन की ओर से फ़्रेडरिक क्रिश्चियन ने पहली पारी में 7 विकेट लिए थे, जबकि दूसरी पारी में मोन्टागु टॉलर के 9 रनों पर 7 विकेट (7/9) ने फ़्रेंच टीम को नेस्तनाबूद कर दिया था।



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