बुमराह को हर मैच में उतारने से उनका कॅरियर जल्द खत्म हो जाएगा: शोएब अख्तर

टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के एक्शन और फॉर्म को लेकर क्रिकेट के कई दिग्गज सवाल उठा चुके हैं। अब पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर ने बुमराह के बॉलिंग एक्शन पर प्रतिक्रिया दी है। उनका मानना है कि बुमराह का एक्शन ऐसा है, जिससे वह खुद को चोटिल कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर टीम इंडिया बुमराह का इंटरनेशनल क्रिकेट लंबा रखना चाहती है तो उन्हें हर मैच में नहीं उतारना चाहिए। वर्ष 2019 में पीठ में चोट लगने के बाद से जसप्रीत बुमराह की फॉर्म में गिरावट आई है। चोटिल होने के बाद से बुमराह का इकोनॉमी रेट भी बढ़ गया है और साथ ही वह इतने विकेट भी नहीं ले पा रहे हैं। हालांकि बुमराह ने अपनी पीठ की सर्जरी नहीं कराई है।

बुमराह के फ्रंटल एक्शन पर उठाए सवाल
शोएब अख्तर ने स्पोर्ट्स तक से बातचीत जसप्रीत बुमराह के एक्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि बुमराह फ्रंटल एक्शन से गेंदबाजी करते हैं। अख्तर का मानना है कि फ्रंटल एक्शन से बॉलिंग करने में पीठ और कंधे का ज्यादा इस्तेमाल होता है। वहीं लोग साइड-ऑन गेंदबाजी करने से पीठ और कंधे पर उतना जोर नहीं आता। शोएब अख्तर का कहना है कि फ्रंटल एक्शन के साथ कोई रियायत नहीं मिलती। अगर पीठ और कमर में चोट लग गई, तो आप चाहकर भी कुछ नहीं कर पाएंगे। साथ ही उनका कहना है कि उन्होंने इस एक्शन की वजह से वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज इयान बिशप और शेन बॉन्ड की हालत खराब होते हुए देखी है।

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तो एक साल में ही खत्म हो जाएगा बुमराह का कॅरियर
शोएब अख्तर का कहना है कि बुमराह को अपना वर्कलोड कम करना होगा। साथ ही अख्तर ने कहा कि अगर टीम इंडिया बुमराह को हर मैच में उतारेगी तो एक साल ही बुमराह का कॅरियर पूरी तरह खत्म हो जाएगा। अख्तर का मानना है कि बुमराह को किसी भी सीरीज में में पांच में से तीन मैच में ही उतारना चाहिए। उनका कहना है कि अगर बुमराह लंबा क्रिकेट कॅरियर चाहते हैं तो उन्हें इस बात का ध्यान रखना होगा।

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अख्तर ने दिया खुद का उदाहरण
शोएब अख्तर ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें भी अपने कॅरियर के दौरान इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ा था। शोएब अख्तर ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को मनाने की बहुत कोशिश की कि उन्हें ज्यादा मैच न खिलाएं। हालांकि पीसीबी ने अख्तर की बात नहीं मानी और इसी वजह से वह चोटिल होते रहे। शोएब अख्तर ने बताया कि उन्होंने पीसीबी को कहा था कि उन्हें सभी पांच मैचों में उतारेंगे तो घुटने जवाब दे जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि जब उन्होंने 1997 में अपने क्रिकेट कॅरियर की शुरुआत की थी, तो उनके घुटने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव नहीं झेल पाते थे। जब भी अख्तर पांच मैच खेलते थे तो उनके घुटनों में पानी भर जाता था और उनका मूवमेंट चला जाता था। अख्तर का कहना है कि जब पीसीबी ने उनकी बात नहीं सुनी तो उन्होंने खुद ही अपना वर्कलोड मैनेज किया।



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