क्रिकेट के मैदान में अपने दोस्ती के कई किस्से सुने होंगे। ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा भारतीय तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ और दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले की दोस्ती का है। वाकया साल 1999 का है जब अनिल कुंबले पाकिस्तान की टीम पर कहर बनकर टूटे थे और पाकिस्तान की पूरी टीम को अकेले पवेलियन पहुंचाया था।
7 फरवरी 1999 को दिल्ली के फिरोज शाह कोटला स्टेडियम (जो अब अरुण जेटली स्टेडियम के नाम से जाना जाता है) में कुंबले ने एक पारी में 10 विकेट लिए थे। 10 साल लंबे अंतराल के बाद भारत दौरे पर आई पाकिस्तानी टीम के खिलाफ सीरीज के दूसरे टेस्ट की चौथी पारी में कुंबले ने ये कमाल किया था।
उनके इस प्रदर्शन से भारतीय टीम ने 212 रन से पाकिस्तान को हरा दिया और पाकिस्तान के खिलाफ 20 साल और 23 टेस्ट मैच से चले आ रहे जीत के सूखे को भी खत्म किया।
लेकिन कुंबले का यह रिकॉर्ड जवागल श्रीनाथ के बिना अधूरा है। दरअसल पाकिस्तान के 8 विकेट गिर चुके थे और क्रीज़ पर दिग्गजा स्पिनर सकलैन मुश्ताक और कप्तान वसीम अकरम बल्लेबाजी कर रहे थे। ऐसे में कुंबले को पारी में 10 विकेट के करीब पहुंचता देख भारतीय कप्तान अजहरुद्दीन ने दूसरी छोर से गेंदबाजी कर रहे जवागल श्रीनाथ को स्टंप से दूर गेंदबाजी करने का निर्देश दिया। श्रीनाथ ने भी कुंबले के साथ दोस्ती निभाते हुए कप्तान के आदेश का पालन किया। ऐसे में कुंबले ने सकलैन मुश्ताक को एलबीडब्लू करके नौवा विकेट झटक लिया।
वहीं अगले ओवर में वसीम अकरम को शॉर्ट लेग पर खड़े वीवीएस लक्ष्मण के हाथों लपकवाकर इतिहास रच दिया। उन्होंने 27.3 ओवर में 74 रन देकर 10 विकेट हासिल किए। अगर जवागल श्रीनाथ ने कप्तान की बात को अनसुना कर दिया होता तो अपना विकेट श्रीनाथ की गेंद पर बलिदान करने को तैयार बैठे पाकिस्तानी खिलाड़ी कुंबले को परफेक्ट 10 पूरा करने नहीं देते। इसलिए अपने इस रिकॉर्ड के लिए कुंबले को ताउम्र उनका अहसानमंद रहना होगा।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/TuJLrwQ
https://ift.tt/OUBdM9h