अर्जुन के शतक से इमोशनल हुई बहन सारा, सोशल मीडिया पर शेयर किया ये पोस्ट

दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर ने अपने पिता के ऩक्शे कदम पर चलते हुए रणजी ट्रॉफी के डेब्यू मुक़ाबले में शतक ठोका है। उन्होंने बुधवार को ग्रुप सी मुकाबले में राजस्थान के खिलाफ गोवा की तरफ से खेलते हुए 120 रन बनाये। अर्जुन पांचवां विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी करने उतरे। 23 वर्षीय अर्जुन ने मैच के दूसरे दिन अपना शतक पूरा किया। उनकी इस उपलब्धि पर बहन सारा तेंडुलर ने इंस्टाग्राम पर एक इमोशनल पोस्ट किया है।

सारा ने लिखा, ;आपकी सारी मेहनत और धैर्य धीरे-धीरे रंग ला रहा है। ये तो बस शुरुआत है। आपकी बहन होने पर मुझे गर्व है।' बता दें कि अर्जुन तेंडुलकर पहले घरेलू क्रिकेट में मुंबई के लिए खेल रहे थे। लेकिन मौका न मिलने पर वे इस सीजन में वह गोवा से खेल रहे हैं। अपने पहले मैच में ही उन्होंने शानदार पारी खेलकर खुद को साबित कर दिया है।

अर्जुन ने अपने पिता सचिन की उपलब्धि दोहराई जिन्होंने 11 दिसम्बर 1988 को वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई की तरफ से खेलते हुए गुजरात के खिलाफ अपने रणजी पदार्पण में नाबाद 100 रन बनाये थे। तब सचिन की उम्र महज 15 साल की थी। 34 साल बाद उनके 23 वर्षीय बेटे अर्जुन ने राजस्थान के खिलाफ उनकी इस उपलब्धि को दोहराया।

sara_sa.pngkane_1.png

अर्जुन ने सुबह चार रन से आगे खेलना शुरू किया और अपना शतक पूरा करने के बाद 120 के स्कोर पर आउट हुए। उन्होंने 207 गेंदों की अपनी पारी में 16 चौके और दो छक्के लगाए। अर्जुन ने सुयश के साथ छठे विकेट के लिए 221 रन की साझेदारी की। कप्तान दर्शन मिसाल 33 रन बनाकर आउट हुए।

मुख्य रूप से तेज गेंदबाज अर्जुन सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए। उस समय गोवा का स्कोर 201 रन पर पांच विकेट था। उन्होंने सुयश प्रभुदेसाई के साथ 221 रन की साझेदारी की। उन्हें राजस्थान के तेज गेंदबाज कमलेश नागरकोटी ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट किया।

घरेलू क्रिकेट में अधिक मौकों की तलाश में मुंबई के अर्जुन ने इसी साल टीम को बदला था। वह इससे पहले मुंबई के लिए दो टी20 मैच खेल चुके हैं। इस साल सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने सिर्फ़ 5.69 की इकॉनमी से रन देते हुए सात मैचों में 10 विकेट झटके थे। इसके बाद उन्होंने लिस्ट ए डेब्यू करते हुए विजय हजारे ट्रॉफी में सात विकेट लिए, जो कि गोवा के लिए सर्वाधिक था। इस प्रदर्शन की बदौलत ही उन्हें रणजी टीम में जगह मिली, जहां उन्होंने पहले ही मैच में गेंद से नहीं लेकिन बल्ले से इतिहास रच दिया।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/EQCXnac
https://ift.tt/SOiVJ5G

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Previous Post Next Post