Sourav Ganguly Birthday: यवरज सह क इस हरकत क वजह स गगल दन वल थ इसतफ फर दरवड़ न रक

Sourav Ganguly Birthday: भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का आज 51वां जन्मदिन है। 'दादा' के नाम से मशहूर गांगुली का जन्म 8 जुलाई 1972 को कोलकाता में हुआ था। वे लंबे समय तक भारतीय टीम के कप्तान रहे और 2003 वर्ल्डकप में टीम को फाइनल तक पहुंचाया था। गांगुली भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक हैं। दादा अपनी टीम को परिवार की तरह प्यार करते थे। लेकिन एक समय ऐसा भी आया था जब वे कप्तानी से इस्तीफा देने वाले थे। इसकी बड़ी वजह भारतीय टीम के सिक्सर किंग युवराज सिंह थे।

दादा ने भारतीय टीम की कप्तानी ऐसे समय पर संभाली जब फिक्सिंग के आरोपों के चलते टीम पूरी तरह बिखर गई थी और खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी कुछ खास नहीं था। ऐसे वक़्त में गांगुली ने ज़िम्मेदारी उठाई और युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया। दादा ने वीरेन्द्र सहवाग, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, आशीष नेहरा, ज़हीर खान और अजित अगरकर जैसे खिलाड़ियों को चुना और एक मजबूत टीम बनाई।

गांगुली अपनी इस टीम को परिवार की तरह प्यार करते थे। ऐसे में युवराज ने कप्तान के इस लगाव का फायदा उठाते हुए एक चल चली जिसके चलते गांगुली बहुत भावुक हो गए थे और कप्तान के पद से इस्तीफा देने वाले थे। लेकिन सही वक़्त पर टीम के उपकप्तान राहुल द्रविड़ ने उन्हें रोक लिया।

फिरकी गेंदबाज हरभजन सिंह, युवराज और जहीर ने साथ मिलकर दादा की खिंचाई करने की प्लानिंग की और इसके लिए फूलप्रूफ प्लान भी बना लिया। युवराज ने भारतीय टीम के प्रेस रिलीज का एक पापर जुगाड़ा। इस पेपर का इस्तेमाल सिर्फ कप्तान और बोर्ड अधिकारी ऑफिशियल स्टेटमेंट के लिए करते हैं।

युवराज ने उस पेपर को लिया और उसपर एक बयान टाइप कराया। बयान में लिखा गया कि हरभजन, युवराज और जहीर गेम को लेकर सीरियस नहीं है, बहुत पार्टी करते हैं और लड़कियों के साथ घूमते हैं। इतना ही नहीं इस प्रेस रिलीज पर युवराज ने दादा के नकली साइन भी कर दिए।

इसके बाद तीनों खिलाड़ी टीम प्रैक्टिस से पहले उस पेपर को लेकर दादा के पास पहुंचे और नाराजगी व्यक्त करते हुए दादा से बात की। युवी ने गांगुली से कहा कि ये अपने ठीक नहीं किया। हरभजन और ज़हीर ने भी युवराज का साथ दिया। अपने खिलाड़ियों के मुंह से ऐसे बात सुनकर दादा दुखी हो गए।

आरोपों को सुन गांगुली हैरान रह गए और इन्हें पूरी तरह गलत बताया। गांगुली बार-बार अपनी सफाई देते हुए कह रहे थे कि उन्होंने किसी से ऐसी बात नहीं कही। लेकिन प्लानिंग बहुत सटीक थी और युवी और भज्जी मान ही नहीं रहे थे। तीनों खिलाड़ियों ने टीम के लिए खेलने से माना कर दिया और अपना बैग लेकर वहां से जाने लगे। गांगुली ने उन्हें रोकते हुए पूरे मामले से खुद को अनजान बताया, इसके बाद तीनों प्लेयर्स ने उन्हें वो नकली प्रेस रिलीज दी। प्रेस रिलीज देखते ही दादा के होश उड़ गए।

युवराज को पता था कि टीम के सीनियर खिलाड़ी गांगुली का साथ दे सकते हैं। ऐसे में युवराज ने इस मज़ाक में टीम के भरोसेमंद खिलाड़ी राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर भी शामिल कर लिया था। जैसे ही यह प्रैस रिलीज द्रविड़ और सचिन ने देखी। तो वे भी दादा पर नाराज़ हो गए और कहा कि वो मीडिया में ऐसा स्टेटमेंट कैसे दे सकते हैं जबकि ये तीनों तो बेहद सीरियस क्रिकेटर्स हैं। यह सब सुनकर गांगुली भावुक हो गए और कप्तानी छोड़ने के लिए राज़ी हो गए। दादा ने कहा, 'उन्होंने ऐसा कोई स्टेटमेंट नहीं दिया है। लेकिन फिर भी अगर सबको ऐसा लगता है तो वो अगले दिन कप्तानी से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।'

अब मामला काफी सीरियस हो चुका था और अपने कप्तान को इतना परेशान द्रविड़ से देखा नहीं गया और उन्होंने गांगुली को सब सच बता दिया। द्रविड़ की बात सुनते ही दादा ने बल्ला उठा लिया और युवराज और भज्जी के पीछे दौड़े।



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