बंगाल टीम के कप्तान और बल्लेबाज मनोज तिवारी घरेलू क्रिकेट की सबसे बड़ी प्रतियोगिता रणजी ट्रॉफी से काफी निराश हैं। उन्होंने कहा कि अगले सत्र से रणजी ट्रॉफी को खत्म कर देना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट में कई चीजें काफी गलत हो रही है और ये 1934 से ही चल रही हैं, जब इस प्रतियोगिता की शुरुआत हुई थी। लेकिन, अब हालात बद से बदतर हो रहे हैं। भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज मनोज तिवारी ने साथ ही इस सत्र के बाद रणजी ट्रॉफी से संन्यास लेने की घोषणा भी कर दी है।
टूर्नामेंट अपना महत्व खो रहा
38 वर्षीय मनोज तिवारी ने कहा, अगले सीजन से रणजी ट्रॉफी को कैलेंडर से हटा देना चाहिए। टूर्नामेंट में कई चीजें गलत हो रही हैं। समृद्ध इतिहास वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को बचाने के लिए कई चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है। यह टूर्नामेंट अपना आकर्षण और महत्व खो रहा है। जो मौजूदा हालात हैं, उससे मैं काफी निराश हूं।
अव्यवस्थाओं पर उठाई अंगुली
तिवारी ने कहा मौजूदा सीजन में अव्यवस्थाओं पर भी अंगुली उठाई। उन्होंने कहा, बंगाल की टीम केरल के खिलाफ अपना मैच एक बाहरी स्थान पर खेल रहा है, न कि स्टेडियम में, जबकि वह कई साल पहले बनाया गया था। ड्रेसिंग रूम ऐसे हैं कि आप ठीक से रणनीति भी नहीं बना सकते क्योंकि हमारा ड्रेसिंग रूम और विपरीत टीम का ड्रेसिंग रूम एक-दूसरे के बहुत करीब हैं। आप एक-दूसरे की बात आसानी से सुन सकते हैं। यहां किसी तरह की कोई गोपनीयता नहीं है।
अपना आखिरी मैच ईडन गार्डंस में खेलूंगा
मनोज तिवारी ने संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि यह रणजी ट्रॉफी में उनका अंतिम सीजन होगा और वह अपना आखिरी मैच घरेलू मैदान ईडन गार्डंस पर खेलेंगे। उन्होंने कहा, इस मैच और बिहार के खिलाफ 24 फरवरी को ईडन गार्डंस में होने वाले मैच के बाद अपने रणजी ट्रॉफी करियर को खत्म कर दूंगा। मैंने जहां से शुरुआत की थी और वहीं अपना करियर खत्म करूंगा।
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