भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमें शुरू से ही एक-दूसरे की चिर प्रतिद्वंदी रही हैं। दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच कई बार नोंक-झोंक से लेकर मार पिटाई की नौबत आ चुकी हैं। रवि शास्त्री ने अब अपनी किताब 'स्टारगेजिंग: द प्लेयर्स इन माय लाइफ' साल 1987 का एक ऐसा वाकया शेयर किया है, जिसे जानकर हर कोई हैरान है। दरअसल, शास्त्री ने अपनी किताब में पाकिस्तानी खिलाड़ी जावेद मियांदाद को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है।
शास्त्री ने बयां की 1987 की दिलचस्प घटना
मियांदाद कई बार मैदान पर और बाहर भी अपनी गलत हरकतों के चलते खूब सुर्खियों में रहे हैं। ऐसी की एक घटना का जिक्र शास्त्री ने किया है जो साल 1987 की है। शास्त्री ने लिखा, 'जब पाकिस्तानी टीम 1987 में भारत दौरे पर आई थी तो हैदराबाद वनडे जीतने के बाद मेरा मियांदाद से टकराव हो गया था। यह काफी कड़ा मैच हुआ था और अगर आखिरी गेंद पर अब्दुल कादिर रन लेने के लिए नहीं दौड़ते तो मुकाबला टाई रहता क्योंकि स्कोर बराबर था। पाकिस्तान ने उस मैच में सात विकेट खोए थे और हमने छह। और उस समय के नियमों के अनुसार कम विकेट खोने के कारण हमें जीता घोषित कर दिया गया।'
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मियांदाद के पीछे जूता लेकर दौड़े थे शास्त्री
शास्त्री ने लिखा,'भारत की जीत पाकिस्तान के मियांदाद को रास नहीं आई। वह मैच खत्म होने के बाद वह हमारे ड्रेसिंग रूप में आए और कहा कि हम बेईमानी से जीते हैं। उस समय हमारा जोश काफी बढ़ा हुआ था। मियांदाद की इस बात पर मुझे काफी गुस्सा आया, मैंने जूता उठाया और पाकिस्तानी ड्रेसिंग रूप तक उनके पीछे भागा। वहां इमरान खान ने बीच-बचाव कर मामला शांत किया।'
मियांदाद को नहीं लगा बुरा
शास्त्री ने लिखा,'इस घटना के बाद भी हम दोनों के बीच मनमुटाव नहीं देखने को मिला। हम इस बात को फौरन भूल गए। इसके जब अगल मैच के लिए जब टीमें जा रही थी तो हमने फ्लाइट में काफी समय साथ बिताया।इस बात का जिक्र न उस वक्त हुआ और न उसके बाद।'
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