नई दिल्ली। भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ द ओवल में खेले गए चौथे टेस्ट मैच में जीत के साथ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के 2021-23 के संस्करण में लीड ले ली है और वह शीर्ष पर पहुंच गया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अगर कोई अंक नहीं काटा जाता तो भारत के 26 अंक और 58.33 फीसदी पर्सेट ऑफ प्वाइंट (पीसीटी) होते। उसके बाद पाकिस्तान और विंडीज हैं जिनके 12 अंक और 50 फीसदी पीसीटी हैं।
ऐसे मिलते हैं टीमों अंक
प्रत्येक टेस्ट मैच जीतने पर 12 अंक, टाई होने पर छह और ड्रॉ होने पर चार अंक मिलते हैं। हर मैच जीतने पर 100 पीसीटी मिलते हैं जबकि टाई पर 50 और ड्रॉ होने पर 33.33 पीसीटी मिलते हैं। पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 60 अंक, चार मैचों की सीरीज में 48, तीन मैचों की सीरीज में 36 और दो मैचों की सीरीज में 24 अंक मिलते हैं। भारत और इंग्लैंड के धीमी ओवर गति को लेकर दो-दो अंक काटे गए थे। पहले तीन टेस्ट से 16 अंक आने थे, लेकिन 14 ही मिले। मैच हारने के कारण इंग्लैंड के अंक समान हैं लेकिन मैच जीतने की वजह से भारत के अंक बढ़ेंगे।
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2 साल बाद दो टीमें बनाती हैं फाइनल में जगह
भारत की जीत टूर्नामेंट के पहले संस्करण की उपविजेता टीम के लिए एक शुरुआती बढ़त बनाती है, क्योंकि घरेलू लाभ आम तौर पर शीर्ष दावेदारों के बीच टेस्ट और सीरीज तय करने में एक महत्वपूर्ण कारक होता है। दो वर्ष के साईकिल के बाद शीर्ष की दो टीमें फाइनल में जगह बनाती हैं। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड पहले संस्करण में कोरोना के कारण जगह बनाने से चूके थे जबकि भारत ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मिली जीत के दम पर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था।
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