वर्ल्ड कप 2021 में अगर मैच के आंकड़ों पर गौर करें तो देखेंगे कि टॉस जीतने वाली टीम ही मैच जीत रही है। अधिकतर मामलों में कप्तान टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करने का फैसला लेता है और विपक्षी टीम को कम स्कोर पर रोककर मैच जीत जाते हैं।बाद में बैटिंग करना है यूएई में अब तक टीमों को रास आया है जो भी टीम टॉस जीतकर बैटिंग का फैसला लेती है ज्यादातर मैचों में हार जाती है।
इंग्लैंड पाकिस्तान न्यूजीलैंड जैसी बड़ी टीमों ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला कर सामने वाले टीम को बड़ी आसानी से हरा दिया। सिर्फ अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज ऐसी टीम है जिसने टॉस जीतने के बाद बल्लेबाजी लेकर भी मैच जीता। टूर्नामेंट के शुरुआत से ही अगर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के बीच हुए मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर बॉलिंग करने का फैसला लिया और मैच जीतने में भी कामयाब रहे। अगले मैच में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज का मुकाबला था। जहां इंग्लैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला लिया और वेस्टइंडीज की टीम 55 पर ही धराशाई हो गई और इंग्लैंड बड़ी आसानी से मैच जीत गई। अगला मैच भारत और पाकिस्तान का था जहां पाकिस्तान ने भी टॉस जीतकर गेंदबाजी ही चुना और भारत को 10 विकेट से करारी शिकस्त मिली। टॉस जीतना गेंदबाजी लेना और मैच अपने पक्ष में करना इस टूर्नामेंट का विनिंग पैटर्न बन चुका है।कल भारत और न्यूजीलैंड का मैच था जिसमें न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला लिया और भारत को 110 रन के मामूली स्कोर पर रोक कर आसानी से इस लक्ष्य को हासिल कर लिया।
हालांकि कुछ अपवाद भी देखने को मिलता है जैसे वेस्टइंडीज और अफगानिस्तान ने पहले बैटिंग करके भी जीत हासिल की है। लेकिन इस बात को लेकर चर्चा होनी चाहिए कि टॉस ही मैच का परिणाम तय ना कर पाए।
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