महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) की गिनती विश्व क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों में होती है।इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले इस भारतीय बल्लेबाज ने कुछ वक्त पहले जाने माने एंकर Graham Bensinger को एक पर्सनली गाइडेड टूर की पेशकश की जिसमें सचिन ने उन्हें उन ठिकानों के बारे में और अपनी लाइफ से जुड़े उन हिस्सों के बारे में खुलकर बताया जिन्होंने उनके टीम इंडिया के लिए खेलने के रास्ते पर गहरा प्रभाव डाला। सचिन तेंदुलकर ने बताया कि आखिर क्यों उन्हें इतनी कम उम्र में परिपक्व होना पड़ा, वो दो फोन लेकर क्यों घूमते हैं और हर मैच से पहले वो एक विशेष मंदिर में क्यों जाते थे।
इंटरव्यू के दौरान सचिन तेंदुलकर एक मंदिर के पास जाते हैं और कहते हैं, 'मैं इस टैप से पानी पीता था जो इस मंदिर के बाहर है। मेरे अंदर एक फीलिंग थी एक विश्वास था कि ये पानी मुझे ऊर्जा देता है। इस पानी में कोई ताकत छिपी है जो मुझे मेरे लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मेरी मदद कर रहा है। उस वक्त मेरा लक्ष्य टीम इंडिया के लिए खेलना था।'
सचिन तेंदुलकर ने आगे कहा, 'मैं जब-जब यहां पर इस पानी को पीने के लिए आता था तब-तब मंदिर में भगवान की ओर देखकर प्रार्थना करता था। मैं अपने करियर के दौरान लगातार इस चीज को करता रहा था। 2013 में अपने करियर का आखिरी मैच खेलने से पहले भी मैंने यही धार्मिक क्रिया निभाई थी जो मैं निभाता आ रहा था।'
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सचिन तेंदुलकर ने कहा, 'कभी-कभी सुबह के 4 बजे या 3 बजे भी मैं यहां आ जाता था जब वहां कोई नहीं होता था। मैं तब जाकर इस धार्मिक क्रिया को करता था। मैं हर दौरे पर जाने से पहले जरूर ऐसा करता था। हर इंटरनेशनल गेम से पहले घर छोड़ते वक्त मैं यहां आकर अपनी प्रार्थना जरूर करता था।
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