हर साल 4 फरवरी को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) मनाया जाता है। इस बीमारी के इलाज में होने वाली कीमोथैरेपी, सर्जरी का नाम सुनकर ही लोग डर से कांप जाते हैं। इस जानलेवा बीमारी से टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) भी गुजर चुके हैं। टीम इंडिया को 2007 टी-20 विश्वकप और 2011 वनडे विश्वकप जितवाने में अहम योगदान देने वाले युवराज सिंह भी इस बीमारी से पीड़ित थे। विश्व कैंसर दिवस के मौके पर युवी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें उनकी मां उस वक्त के बारे में बात कर रही हैं जब उन्हें युवराज के कैंसर के बारे में पता चला था।
युवराज सिंह की मां शबनम सिंह ने कहा, 'पहले मुझे कैंसर शब्द सुनने के बाद डर नहीं लगता था लेकिन, अब जब मैं ये शब्द सुनती हूं तो डर से कांप जाती हूं। जब मुझे पता चला कि युवराज को कैंसर है तो एक पल के लिए मुझे यकीन नहीं हुआ कि मेरे बेटे के साथ ऐसा कैसे हो सकता है। मैं इस खबर को सुनने के बाद शॉक में थी।'
युवराज की मां ने आगे कहा, 'जब मैं अपने बेटे की ओर देखती थी मुझे लगता था मेरा बेटा बीमार है उसकी केयर करनी होगी। मुझे अपने इमोशन को दबाना पड़ा क्योंकि अगर केयर करने वाली ही इमोशनल होकर रोने लगे मरीज के सामने तब मरीज भी कमजोर हो जाता है। मैं अकेली थी मुझे भी पैनिक होता था लेकिन, फिर भी हिम्मत रखनी ही थी।'
युवराज की मां ने कहा, 'एक बार तो युवराज मेरे सामने मेरे हाथों में बेहोश हो गया था और मैं उसे होल्ड तक नहीं कर पाई थी लेकिन तब भी मैं नहीं रोई थी। जब युवराज रोता था तब मैं उससे कहती थी कि तुम ठीक हो जाओगे। मेरे लिए ये जरूरी था कि मैं मजबूत रहूं।' बता दें कि युवराज सिंह को सेमिनोमा लंग कैंसर था। कीमोथैरेपी उपचार कराने के लिए वो विदेश गए़ थे। कैंसर को मात देकर युवराज सिंह दोबारा मैदान में भी उतरे थे और टीम इंडिया के लिए कई मैच जिताऊ पारियां भी खेली।
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