'टाइटल' स्पॉनसरशिप से हटना चाहता है Paytm, बायजूस ने BCCI के दबाये 86 करोड़ रुपये

Indian cricket team sponsor byjus and paytm: दुनिया भर में आर्थिक मंडी की आशंकाओं के बीच कंपनियां अपने खर्चों में कटौती कर रहीं हैं। इसकी चपेट में अब क्रिकेट भी आ गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), 'टाइटल' स्पॉनसर पेटीएम (Paytm) और भारतीय टीम की जर्सी के स्पॉनसर बायजूस (Byju's) के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पेटीएम ने 'टाइटल' स्पॉनसरशिप से हटने का मन बना लिया है और वह अपने अधिकार किसी और कंपनी को देना चाहते हैं। इसको लेकर उन्होंने बीसीसीआई से एक मीटिंग भी की है। वहीं दूसरी तरफ बायजूस ने कथित रूप से बीसीसीआई को 86.21 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया है।

बीसीसीआई के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि 'टाइटल' स्पॉनसर पेटीएम ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के साथ करार खत्म करने कि बात कही है। पेटीएम अपना घरेलू क्रिकेट 'टाइटल' अधिकार मास्टरकार्ड को देना चाहता है और इसको लेकर उन्होंने बीसीसीआई से बात की है। बीसीसीआई और पेटीएम के बीच सितंबर 2019 से 31 मार्च 2023 तक का करार है।

सितंबर 2019 में पेटीएम ने भारत में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट के मैचों के 'टाइटल' स्पॉनसर के तौर पर जुड़ाव चार साल के लिए बढ़ाया था। यह बिड उसने 3.80 करोड़ रुपये प्रति मैच की बोली लगाकर हासिल की थी।

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वहीं बीसीसीआई के सूत्र ने बताया कि बायजूस पर बोर्ड का 86.21 करोड़ रुपए बकाया है। हालांकि बायजूस ने ऐसे किसी बकाया से इंकार किया है। बायजूस के एक प्रवक्ता ने न्यूज़ एजेंसी से कहा कि यह सच है कि हमने बीसीसीआई के साथ करार को बढ़ाया है। लेकिन अभी तक कांट्रैक्ट में साइन नहीं किए गए हैं। ऐसे में जब कांट्रैक्ट साइन होगा तब उसके मुताबिक भुगतान किया जाएगा। ऐसे में हमपर अभी ऐसा कोई बकाया नहीं है।

अप्रैल में ही एडटेक कंपनी बायजूस और बीसीसीआई ने अपनी साझेदारी भारत में होने वाले 2023 वनडे विश्व कप के अंत तक बढ़ाने पर सहमति जतायी थी, जिसमें 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गयी थी। बीसीसीआई की शीर्ष परिषद की बैठक में गुरूवार को इस मुद्दे पर चर्चा की गयी।

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बायजूस 2019 में बोर्ड से जुड़ी थी, जब मोबाइल मैन्यूफैक्चरर ओप्पो (Oppo) ने अपने स्पॉन्सरशिप राइट ऑनलाइन ट्यूटोरियल फर्म को ट्रांसफर कर दिए थे। बायजूस ने पिछले महीने बताया था कि उसने 500 लोगों को छंटनी कर दी है। उसने 1,000 लोगों को निकालने की खबर पर सफाई देते हुए यह बात कही थी।



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