भारत-पाक मुकाबले को लेकर रोहित शर्मा ने दिया बड़ा बयान, कहा - बार-बार बात करने का कोई फायदा नहीं

भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने कहा है कि वह भारत -पाकिस्तान क्रिकेट मैच का महत्व जानते हैं और इस मुकाबले को लेकर क्रिकेट की दुनिया में पैदा की जा रही 'हाइप' पर लगातार बात कर खुद को और अपनी टीम को अनावश्यक दबाव में नहीं डालेंगे।

भारत टी20 विश्व कप में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से 23 अक्टूबर को मेलबोर्न में सुपर 12 का मुकाबला खेलेगा और उससे पिछले वर्ष यूएई में हुए टी20 विश्व कप में मिली 10 विकेट की हार का बदला चुकाना चाहेगा लेकिन रोहित ने कहा कि इस बारे में बात करने का और खुद को दबाव में डालने का कोई फायदा नहीं है।

रोहित ने विश्व कप शुरू होने की पूर्वसंध्या पर कप्तानों की बातचीत के दौरान कहा, "(पाकिस्तान कप्तान) बाबर आजम बिलकुल सही हैं। हम मैच के महत्व को समझते हैं लेकिन हर बार इस पर बात करने और खुद पर दबाव बनाने का कोई फायदा नहीं है।"

पाकिस्तान के खिलाफ अपनी कथित रूप से कमजोर गेंदबाजी को लेकर उन्हें कितना विश्वास है, रोहित ने कहा कि उनका ध्यान उन संसाधनों पर केंद्रित है जो इस समय उनके पास हैं। भारतीय कप्तान ने कहा, "चोट खेल का अभिन्न हिस्सा है। इस बारे में, हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते हैं।" रोहित ने तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और दीपक चाहर तथा आलराउंडर रवींद्र जडेजा की सेवाओं से चूकने की बहस में जाने से इंकार कर दिया, जो चोटिल होने के कारण विश्व कप से बाहर हो चुके हैं।

रोहित 2007 में पहला टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। उन्होंने कहा कि खेल इतना बदल चुका है कि कई बार उन्हें भी आश्चर्य होता है। कप्तान ने कहा, "मेरा मतलब है कि 2007 के बाद से लम्बा सफर गुजर चुका है। जब मुझे विश्व कप के लिए चुना गया था तब मैंने खुद से और टीम से कोई उम्मीद नहीं की थी। मैं केवल टूर्नामेंट का आनंद लेना चाहता था, टूर्नामेंट खेलना चाहता था क्योंकि यह मेरा पहला विश्व कप था। मुझे कोई समझ नहीं थी कि विश्व कप का हिस्सा होना क्या होता है और यह कितना बड़ा होता है जब तक हमने विश्व कप नहीं जीत लिया।"

उन्होंने कहा, "तब से अब तक काफी लम्बा सफर गुजर चुका है। तब से खेल काफी बदल चुका है। आप देख सकते हैं कि 2007 के मुकाबले क्रिकेट अब कैसे खेला जाता है। तह 140, 150 का स्कोर अच्छा स्कोर माना जाता था लेकिन अब टीमें इसे 14-15 ओवर में बनाने की कोशिशें करती हैं।"

रोहित ने कहा, "टीमें अब परिणाम के बारे में सोचने के बजाये ज्यादा खतरा उठाती हैं जो इस फॉर्मेट के लिए अच्छा है।" उन्होंने कहा, "यह 2007 से 2022 तक खेल की मेरी समझ है। काफी कुछ बदल चुका है लेकिन इतने वर्षों में खेल में बदलाव देखना अच्छा है।"



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