लड़कों संग खेलीं, बर्गर-पिज्जा छोड़ा, 15 साल की उम्र में डेब्यू... पढ़ें कप्तान शेफाली वर्मा की सफलता की कहानी

U19 Women's T20 World Cup Final : भारत और इंग्लैंड के बीच अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप का फाइनल मुकाबला आज खेला जाएगा। कप्तान शेफाली वर्मा की अगुवाई में भारत की अंडर-19 महिला टीम के पास इतिहास रचने का सुनहरा अवसर है। आईसीसी की ओर से पहली बार आयोजित किए जा रहे महिला अंडर-19 टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला काफी कड़ा होने की उम्मीद है। यह देखना दिलचस्प होगा कि 19 वर्षीय की शेफाली वर्मा किस तरह जीत की लय को बरकरार रखते हुए खिताब भारत की झोली में डालती हैं। शेफाली वर्मा अब क्रिकेट में जाना पहचाना नाम हैं। लड़कों की 140 किमी की रफ्तार पर बल्लेबाजी की प्रैक्टिस कर महज 15 साल की उम्र में ही भारत के लिए डेब्यू करने वाली शेफाली यूं ही फर्श से अर्श तक नहीं पहुंची हैं, इसके पीछे उनका त्याग और क्रिकेट प्रति उनका जुनून सबसे बड़े कारक रहे हैं।


19 वर्षीय भारतीय कप्तान शेफाली वर्मा ने खुद को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में स्थापित करने के लिए जी तोड़ मेहनत के साथ कड़ा संघर्ष किया है। शेफाली वर्मा ने खुद एक इंटरव्यू दौरान बताया था कि वह तेज गेंदबाजी खेलने के लिए लगातार अभ्यास करती थीं। उनके सामने लड़कों से गेंदबाजी कराई जाती थी, ताकि वह रफ्तार के सामने हथियार डाल दें, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।

महज 15 साल की उम्र में किया डेब्यू

हरियाणा के रोहतक जिले की रहने वाली शेफाली वर्मा ने महज 15 वर्ष की आयु में ही टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर लिया था। 2019 के टी-20 वर्ल्ड कप से पहले शेफाली ने टीम इंडिया में एंट्री की थी और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने इंटरनेशनल डेब्यू किया था। शेफाली ने बताया कि हर कोई यह देख हैरान था कि महज 15 वर्ष की लड़की को आखिर कैसे भारतीय टीम में जगह मिल गई। टी20 वर्ल्ड कप में भी शेफाली ने शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन वह बात अलग है कि टीम खिताब नहीं जीत सकी।

लड़कों की 140 किमी की रफ्तार के साथ प्रैक्टिस

शेफाली ने बताया था कि जब वह टी-20 वर्ल्ड कप के बाद वापस लौटीं तो कई चीजों पर काम करना था तो उन्होंने कड़ा अभ्यास शुरू किया। शेफाली ने बताया कि उन्हें वनडे टीम में खेलने का मौका नहीं मिल पा रहा था। इसलिए उन्होंने अपने कोच के साथ अपनी कमियों पर काम शुरू किया। उन्होंने तेज गेंदबाजों का सामना करना शुरू किया। उनके सामने लड़के 135-140 किलोमीटर की रफ्तार से गेंदबाजी करते थे।

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क्रिकेट के लिए किया त्याग

शेफाली की मानें तो क्रिकेट के साथ उन्होंने अपनी फिटनेस को लेकर डाइटिंग भी की। वर्ल्ड कप की हार से उबरने को लेकर उन्होंने कई सेशन भी लिए। उन्होंने बताया कि फिटनेस के चलते उसे अपना फेवरेट खाना भी छोड़ना पड़ा। शेफाली का कहना है कि वह अब अपना फेवरेट पिज्जा नहीं खाती, फेवरेट डोरेमैन भी नहीं देखती है। अब वह सिर्फ और सिर्फ क्रिकेट पर ही फोकस करती है।

शेफाली वर्मा का रिकॉर्ड

शेफाली वर्मा के क्रिकेट रिकॉर्ड की बात करें तो अभी तक उन्होंने 51 टी20 मैच खेले हैं, जिनमें 134.53 के स्ट्राइक रेट से 1231 रन बनाए हैं। शेफाली ने टी20 में अब तक 149 चौके और 48 छक्के जड़े हैं। हालांकि अभी तक उन्हें 2 टेस्ट मैच, 21 वनडे मैच ही खेलने का मौका मिला है।

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