भारत ने आखिरी बार साल 2023 में आईसीसी ट्रॉफी जीती थी। इसके बाद भारत ने कई बाद नॉकआउट में जगह बनाई लेकिन अच्छा प्रदर्शान करने में नाकाम रही और ट्रॉफी नहीं जीत पाई। हाल में भारतीय टीम को डब्ल्यूटीसी फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 209 रनों से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। इस मैच में टीम के दिग्गज फिरकी गेंदबाज रविचन्द्र अश्विन को प्लेइंग 11 में नहीं रखा गया था। जिसके चलते रोहित शर्मा की कप्तानी की आलोचना हुई थी।
अश्विन ने एक यूट्यूब चैनल से बात करते हुए बाते है कि क्यों भारत पिछले 10 साल से कोई आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाया है। अश्विन ने एक उदाहरण दिया और बाते कि कैसे महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम का माहौल पॉजिटिव रहा करता था और अभी खिलाड़ी थोड़ा इनसिक्योर हैं।
अश्विन ने कहा, 'यह बात सही है कि भारतीय क्रिकेट टीम ने 10 साल में एक भी आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीती है। मैं फैन्स की बातें समझ सकता हूं लेकिन सोशल मीडिया पर इस तरह की बातें इसको ड्रॉप करो, इसको प्लेइंग 11 में शामिल करो... लेकिन एक खिलाड़ी की क्वॉलिटी एक रात में बदल नहीं जाती है, हम सब महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी के बारे में बात करते हैं। उन्होंने क्या किया था? उन्होंने चीजों को बहुत सिंपल रखा था।'
अश्विन ने आगे कहा, 'उनकी लीडरशिप में में वे 15 सदस्यीय स्क्वॉड चुनते थे और उन्हीं 15 क्रिकेटरों को साल भर खिलाते थे। किसी भी खिलाड़ी के लिए सिक्योरिटी बहुत अहम होती है।' अश्विन ने इस दौरान विराट और रोहित की कप्तानी का जिक्र भले नहीं किया, लेकिन उनकी इन बातों से समझ आता है कि मौजूदा समय में खिलाड़ियों के बीच सिक्योरिटी वाली भावना नहीं रह गई है।
हर सीरीज में चयनकर्ता टीम बादल देते हैं। पिछले कुछ समय से टीम के साथ -साथ कप्तान बदलने का भी चलन चल रहा है। ऐसे में खिलाड़ियों को लगातार टीम में बने रहने का मौका कम ही मिल रहा है।
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