The Ashes: इगलड क बकफयर कर गय 'बजबल' रमचक मड पर पहच बरमघम टसट

England vs australia The Ashes: इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच द एशेज सीरीज का पहला मुक़ाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन स्टेडियम में खेला जा रहा है। यह टेस्ट मैच एक रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है और ऑस्ट्रेलिया को आखिरी दिन जीत के लिए मात्र 174 रनों की जरूरत है। वहीं इंग्लैंड को इस टेस्ट में कब्जा जमाने के लिए 7 विकेट और चटकाने होंगे।

मैच की चौथी पारी में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 281 रनों का लक्ष्य है। चौथे दिन स्टंप तक ऑस्ट्रेलिया ने 107 रन बना लिए हैं। ऑस्ट्रेलिया अपने मुख्य बल्लेबाज डेविड वॉर्नर, मार्नस लाबुशेन और स्टीवन स्मिथ को खो चुका है। उस्मान ख्वाजा (34) और नाइट वॉचमैन स्कॉट बोलैंड (13) रन बनाकर टिके हुए हैं। इन दोनों के बाद ट्रेविस हेड, कैमरन ग्रीन, एलेक्स कैरी, पैट कम‍िंस को आना है। जो बल्ले से जोरदार पार‍ियां खेल सकते हैं। ऐसे में इंग्लैंड कही न कही इस मैच में बैक फुट पर है।

ऑस्ट्रेलिया को डेविड वॉर्नर और उस्मान ख्वाजा ने अच्छी शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 61 रन जोड़े। 36 रनों की पारी खेलने के बाद वॉर्नर रॉबिंसन का शिकार बने। लाबुशेन का बल्ला दूसरी पारी में भी शांत रहा और वह 13 रन ही बना सके। स्मिथ के बल्ले से 6 रन ही निकले। दोनों का कैच ब्रॉड की गेंद पर विकेटकीपर बेयरस्टो ने लपका। स्टंप के समय ख्वाजा 34 और नाइटवॉच मैन स्कॉट बोलैंड 13 रन बनाकर नाबाद हैं।

इस टेस्ट की पहली पारी में इंग्लैंड ने शानदार बल्लेबाजी की थी। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज जो रूट ने शतक लगाया था। इंग्लैंड ने पहले ही दिन अपनी पारी 393/8 पर घोषित कर दी थी। कप्तान बैन स्टोक्स के इस निर्णय से कई लोग चौंक गए थे। क्योंकि जब टीम घोषित की गई तब रूट शतक लगाकर बल्लेबाजी कर रहे थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा के बेहतरीन शतक की मदद से पहली पारी में 386 रन बनाये थे।

जिस तरह से ऑस्ट्रेलिया ने बल्लेबाजी की और वह पहली पारी में मात्र 7 रन से पिछड़े। कही न कही इंग्लैंड का जल्द पारी घोषित करने का फैसला सही साबित नहीं हुआ। इंग्लैंड ने इस मैच की दोनों पारियों में 'बैजबॉल' की रणनीति अपनाई और तेजी से रन बनाए। लेकिन शायद उनकी यह रणनीति काम नहीं आई और दूसरी पारी में इंग्लैंड मात्र 273 पर ढेर हो गया।

क्या है बैजबॉल ?
टेस्ट क्रिकेट में तेजी सेब बल्लेबाजी करने के अंदाज़ को बैजबॉल' कहा जाता है। 'बैजबॉल' गेम को क्रिकेट में लाने का श्रेय इंग्लैंड टीम को जाता है। बैजबॉल न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर ब्रेंडन मैक्कुलम के नाम पर रखा गया है। उनका निकनेम 'बैज' है और वह टेस्ट क्रिकेट में विस्फोटक पारी खेलने के लिए जाने जाते थे। मैक्कुलम ने अपने टेस्ट करियर की आखिरी पारी में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की थी और टेस्ट इतिहास का सबसे तेज शतक भी लगाया था। जब से मैक्कुलम इंग्लैंड के कोच बने हैं इंग्लैंड ने भी उन्हीं की तरह टेस्ट में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करना शुरू कर दिया है। वह तेजी से बल्लेबाजी कर एक सेशन में मैच पलट देती है।



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