1993 में आज के ही दिन हीरो कप के सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला साउथ अफ्रीका से था पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और पहले 4 विकेट 53 रन पर ही आउट हो गए थे। आउट होने वाले बल्लेबाज थे मनोज प्रभाकर, अजय जडेजा, विनोद कांबली और सचिन तेंदुलकर। इस मैच में भारत के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 118 गेंदों में 90 रन बनाए जिसकी बदौलत भारतीय टीम 50 ओवर में 195 रन बना सकी। अफ्रीका का सबसे गेंदबाज एफ डिविलियर्स और रिचर्ड ने तीन-तीन विकेट लिए।
196 के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही ,उसके तीन विकेट मात्र 60 के स्कोर पर गिर चुके थे। सेमीफाइनल जैसे महत्वपूर्ण मुकाबले में स्कोर का पीछा करना ऐसे ही बहुत मुश्किल होता है इसके बाद अफ्रीकी टीम का कमान संभाला हडसन ने जिन्होंने 112 गेंदों में 62 रन बनाए। भारत के तरफ से गेंदबाजी बहुत अच्छी हो रही थी। दक्षिण अफ्रीका की टीम के लिए रिक्वायर्ड रन रेट बढ़ता चला जा रहा था।
अंतिम ओवर में दक्षिण अफ्रीकी को चाहिए था 6 रन और गेंद सचिन के हाथ में
दक्षिण अफ्रीकी टीम को फाइनल में पहुंचने के लिए अंतिम ओवर में 6 रन की जरूरत थी और उसके 2 विकेट शेष थे। भारतीय कप्तान अजहरुद्दीन ने सभी को चौकाते हुए सचिन को गेंद थमाया। सचिन के पहले बॉल पर बल्लेबाज ने एक्स्ट्रा कवर पर शॉट मारा, दूसरा रन लेने के क्रम में नान स्ट्राइकर बल्लेबाज रन आउट हो गए। इसके बाद दूसरे और तीसरे गेंद पर अफ्रीकी बल्लेबाज कोई रन नहीं बना सके, फिर चौथे गेंद पर 1 रन बना ,पांचवीं गेंद पर फिर डॉट, अंतिम और पर जीत के लिए चाहिए था 4 रन लेकिन बल्लेबाज एक ही रन बना पाए। इस तरह से सचिन के करिश्माई गेंदबाजी की बदौलत भारत ने सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हरा दिया। सचिन द्वारा फेंका गया यह ऑफर आज भी क्रिकेट फैंस के दिलो-दिमाग में ताजा है।
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