क्रिकेट इतिहास के 5 सबसे छोटे टेस्ट मैच, एक मात्र 10 गेंद में हो गया खत्म

टेस्ट क्रिकेट सबसे लंबा और सबसे कठिन फॉर्मेट है। यह 145 साल से चला आ रहा है। पहले टेस्ट मैच 6 दिन तक खेला जाता था जिसमें एक दिन रेस्ट डे होता था। लेकिन बाद में नियम बदले गए और इसे 5 दिन का कर दिया गया। आज कल बहुत कम ऐसा होता है जब टेस्ट मैच पूरे 5 दिन तक जाता हो। कई बार ऐसा भी होता है कि 5 दिन बाद भी मैच का रिजल्ट नहीं निकलता। क्या आप जानते हैं कई ऐसे टेस्ट मैच भी हुई है जो एक दिन से ज्यादा नहीं चले। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ मैचों के बारे में -

इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया, नॉटिंघम, 1926 -
1926 में खेले गए इस मैच में इस मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। लेकिन तभी बारिश आ गई और मैच को रोकना पड़ा। इस मैच में मात्र 17.1 ओवर फेंके गए। इस दौरान इंग्लैंड ने बिना विकेट खोये 32 रन बनाए थे। इसके बाद लगातार बारिश होती रही और मैच रद्द हो गया।

पाकिस्तान बनाम श्रीलंका, गुजरांवाला, 1991 -
पाकिस्तान ने इस टेस्ट मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 36 ओवर में 2 विकेट खोकर 109 रन बना लिए थे तभी बारिश ने मैच में खलल डाल दी। उस समय कोई सुपर सॉपर या मैदान से पानी हटाने की रोलिंग मशीन नहीं होने के कारण मैच शुरू नहीं हो सका था। बारिश और गीली आउटफील्ड के कारण साढ़े चार दिन का खेल बर्बाद हो गया था। यह अब तक का पांचवां सबसे छोटा टेस्ट मैच है।

श्रीलंका बनाम भारत, कैंडी, 1993 -
इस टेस्ट में भारत के लिए कपिल देव ने एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने नाम किया था। उन्होंने अपना 125वां टेस्ट खेलते हुए सुनील गावस्कर की बराबरी कर ली थी। इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। पहले दिन बारिश के कारण खेल शुरू नहीं हो सका था दूसरे दिन बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की टीम ने 12 ओवर में 24 रन के स्कोर पर 3 विकेट खो दिए थे। तभी बारिश आ गयी और मैच कभी खेला ही नहीं जा सका और बाद में रद्द घोषित कर दिया गया।

वहीं भारत के दिग्गज ऑलराउंडर कपिल देव ने भारत के लिए 131 टेस्ट मैच खेले है। इन टेस्ट मैचों में उन्होंने 31.05 की औसत और 94.76 की स्ट्राइक रेट की मदद से 5248 रन बनाये है। वहीं उन्होंने गेंदबाजी करते हुए 29.65 की औसत और 63.92 के स्ट्राइक रेट की मदद से 434 बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई है।

वेस्टइंडीज बनाम इंग्लैंड, जमैका, 1998 -
इस बार बारिश बिल्कुल भी नहीं हुई है। पिच को छोड़कर टेस्ट मैच क्रिकेट के लिए परिस्थितियां बिल्कुल सही थीं। पिच खतरनाक होने की वजह से 10.1 ओवर के बाद ही मैच को समाप्त घोषित कर दिया गया था। वॉल्श और एम्ब्रोस की गेंदबाजी के साथ, यह कह सकते हैं कि यह पिच और भी खतरनाक हो गयी थी। अंपायर स्टीव बकनर और एस वेंकटराघवन ने पहले दिन 55 मिनट के खेल के बाद मैच रद्द करने का फैसला कर लिया था। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह पहला मौका था जब पिच की स्थिति के कारण मैच को रद्द कर दिया गया था। वहीं जब मैच रद्द किया गया था तब इंग्लैंड का स्कोर 3 विकेट खोकर 17 रन था।

वेस्टइंडीज बनाम इंग्लैंड, एंटीगुआ, 2009 -
इस मैच में वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया था। वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच हुए टेस्ट मैच में सिर्फ 10 गेंदे ही डाली जा सकी थी। खराब आउटफील्ड के कारण यह टेस्ट मैच रद्द कर दिया गया और कई लोग इससे बहुत नाराज हो गए थे। आउटफील्ड बहुत रेतीली थी, एक तरह से गेंदबाजों को रन-अप के दौरान बहुत दिक्कत हो रही थी। वहीं जब मैच रद्द हुआ था तब एलेस्टेयर कुक 1*(2) और एंड्रयू स्ट्रॉस 6*(8) रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।



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