वनडे विश्व कप जीतने के करीब तीन महीने बाद मैदान पर उतरी टीम को ब्रिस्बेन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले मैच में 6 विकेट से हार झेलनी पड़ी। लंबे समय बाद 50 ओवर के क्रिकेट में वापसी भारतीय महिला टीम के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही।
बता दें कि नवंबर 2025 में विश्व कप खिताब जीतने के बाद यह भारत का पहला वनडे मुकाबला था। 24 फरवरी 2026 को खेले गए इस मैच में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। हालांकि ब्रिस्बेन की पिच थोड़ी धीमी साबित हुई और ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों को नई गेंद से स्विंग भी मिला।
भारत ने ओपनिंग संयोजन में बदलाव करते हुए स्मृति मंधाना के साथ प्रतीका रावल को उतारा, जबकि शेफाली वर्मा को तीसरे नंबर पर भेजा गया। यह प्रयोग सफल नहीं रहा। प्रतीका बिना खाता खोले पवेलियन लौटीं और शेफाली 17 गेंद में सिर्फ चार रन बना सकीं। जेमिमा रोड्रिग्स को कप्तान से पहले प्रमोट किया गया, लेकिन वह भी आठ रन पर आउट हो गईं।
स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत के बीच 48 रन की साझेदारी ने पारी को कुछ देर संभाला। मंधाना ने 58 रन बनाए, लेकिन ताहलिया मैक्ग्रा ने उन्हें आउट कर भारत को झटका दिया। इसके बाद दीप्ति शर्मा के जल्दी आउट होने से स्कोर 103/5 हो गया। ऋचा घोष ने 23 रन बनाए, मगर वह भी बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सकीं।
मौजूद जानकारी के अनुसार ऑलराउंडर काशवी गौतम ने 43 रन का अहम योगदान दिया और कप्तान ने भी 53 रन की पारी खेली, लेकिन टीम 48.3 ओवर में 214 रन पर सिमट गई और पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल सकी।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से एशले गार्डनर ने तीन विकेट लिए, जबकि मेगन शट ने दो सफलताएं हासिल कीं। इसके अलावा जॉर्जिया वॉल ने फील्डिंग में शानदार कैच लेकर भारत पर दबाव बनाए रखा।
जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने संतुलित शुरुआत की। कप्तान एलिसा हीली और फोएबे लिचफील्ड ने पहले विकेट के लिए 55 रन जोड़े। एन. श्री चरणी ने लिचफील्ड को स्टंपिंग कराकर भारत को पहली सफलता दिलाई और अगली ही गेंद पर वॉल को गोल्डन डक पर आउट किया।
हालांकि इसके बाद मैच ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में झुक गया। हीली और बेथ मूनी के बीच 64 रन की साझेदारी हुई। मूनी ने 79 गेंदों पर 76 रन की संयमित पारी खेली और प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं। इसके बाद मूनी और एनेबेल सदरलैंड के बीच 85 रन की साझेदारी ने जीत सुनिश्चित कर दी। सदरलैंड 48 रन बनाकर नाबाद लौटीं और ऑस्ट्रेलिया ने 38.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।
भारत की ओर से चरणी के अलावा दीप्ति शर्मा और क्रांति गौड़ को एक-एक विकेट मिला। गेंदबाजी में धार की कमी साफ दिखी।
गौरतलब है कि यह सीरीज मल्टी-फॉर्मेट प्रारूप का हिस्सा है और फिलहाल ऑस्ट्रेलिया 1-0 से आगे है, हालांकि अंक तालिका में दोनों टीमों के चार-चार अंक हैं। अब 27 फरवरी को होबार्ट में होने वाले दूसरे वनडे पर नजरें टिकी हैं।
इसी बीच हरमनप्रीत कौर की फिटनेस भी चिंता का विषय बन गई है। बल्लेबाजी के दौरान उनके बाएं घुटने में चोट लगी और वह ऑस्ट्रेलिया की पारी के दौरान मैदान पर नहीं उतरीं। टीम प्रबंधन उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए है और अगले मैच से पहले अंतिम फैसला लिया जाएगा।
कुल मिलाकर विश्व चैंपियन भारत के लिए यह शुरुआत उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही और अब सीरीज में वापसी के लिए टीम को बेहतर संतुलन और सटीक रणनीति के साथ उतरना होगा।
http://dlvr.it/TR7pjt
बता दें कि नवंबर 2025 में विश्व कप खिताब जीतने के बाद यह भारत का पहला वनडे मुकाबला था। 24 फरवरी 2026 को खेले गए इस मैच में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। हालांकि ब्रिस्बेन की पिच थोड़ी धीमी साबित हुई और ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों को नई गेंद से स्विंग भी मिला।
भारत ने ओपनिंग संयोजन में बदलाव करते हुए स्मृति मंधाना के साथ प्रतीका रावल को उतारा, जबकि शेफाली वर्मा को तीसरे नंबर पर भेजा गया। यह प्रयोग सफल नहीं रहा। प्रतीका बिना खाता खोले पवेलियन लौटीं और शेफाली 17 गेंद में सिर्फ चार रन बना सकीं। जेमिमा रोड्रिग्स को कप्तान से पहले प्रमोट किया गया, लेकिन वह भी आठ रन पर आउट हो गईं।
स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत के बीच 48 रन की साझेदारी ने पारी को कुछ देर संभाला। मंधाना ने 58 रन बनाए, लेकिन ताहलिया मैक्ग्रा ने उन्हें आउट कर भारत को झटका दिया। इसके बाद दीप्ति शर्मा के जल्दी आउट होने से स्कोर 103/5 हो गया। ऋचा घोष ने 23 रन बनाए, मगर वह भी बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सकीं।
मौजूद जानकारी के अनुसार ऑलराउंडर काशवी गौतम ने 43 रन का अहम योगदान दिया और कप्तान ने भी 53 रन की पारी खेली, लेकिन टीम 48.3 ओवर में 214 रन पर सिमट गई और पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल सकी।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से एशले गार्डनर ने तीन विकेट लिए, जबकि मेगन शट ने दो सफलताएं हासिल कीं। इसके अलावा जॉर्जिया वॉल ने फील्डिंग में शानदार कैच लेकर भारत पर दबाव बनाए रखा।
जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने संतुलित शुरुआत की। कप्तान एलिसा हीली और फोएबे लिचफील्ड ने पहले विकेट के लिए 55 रन जोड़े। एन. श्री चरणी ने लिचफील्ड को स्टंपिंग कराकर भारत को पहली सफलता दिलाई और अगली ही गेंद पर वॉल को गोल्डन डक पर आउट किया।
हालांकि इसके बाद मैच ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में झुक गया। हीली और बेथ मूनी के बीच 64 रन की साझेदारी हुई। मूनी ने 79 गेंदों पर 76 रन की संयमित पारी खेली और प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं। इसके बाद मूनी और एनेबेल सदरलैंड के बीच 85 रन की साझेदारी ने जीत सुनिश्चित कर दी। सदरलैंड 48 रन बनाकर नाबाद लौटीं और ऑस्ट्रेलिया ने 38.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।
भारत की ओर से चरणी के अलावा दीप्ति शर्मा और क्रांति गौड़ को एक-एक विकेट मिला। गेंदबाजी में धार की कमी साफ दिखी।
गौरतलब है कि यह सीरीज मल्टी-फॉर्मेट प्रारूप का हिस्सा है और फिलहाल ऑस्ट्रेलिया 1-0 से आगे है, हालांकि अंक तालिका में दोनों टीमों के चार-चार अंक हैं। अब 27 फरवरी को होबार्ट में होने वाले दूसरे वनडे पर नजरें टिकी हैं।
इसी बीच हरमनप्रीत कौर की फिटनेस भी चिंता का विषय बन गई है। बल्लेबाजी के दौरान उनके बाएं घुटने में चोट लगी और वह ऑस्ट्रेलिया की पारी के दौरान मैदान पर नहीं उतरीं। टीम प्रबंधन उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए है और अगले मैच से पहले अंतिम फैसला लिया जाएगा।
कुल मिलाकर विश्व चैंपियन भारत के लिए यह शुरुआत उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही और अब सीरीज में वापसी के लिए टीम को बेहतर संतुलन और सटीक रणनीति के साथ उतरना होगा।
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